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रूस में सितंबर की बेरोज़गारी दर 2.2 प्रतिशत रही, बेरोज़गारों की संख्या थोड़ी बढ़ी
रोसस्टैट की सितंबर की पूर्णांकित दर नहीं बदली, लेकिन संशोधन की तुलना और अलग नियोक्ता साक्ष्य व्यापक निष्कर्षों को सीमित करते हैं।
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इंटरफैक्स ने 28 अक्टूबर को रोसस्टैट के जिन आंकड़ों की जानकारी दी, उनके अनुसार सितंबर 2026 में रूस की आधिकारिक बेरोज़गारी दर 2.2 प्रतिशत रही, जो अगस्त के बराबर थी। बेरोज़गारों की संख्या 1.649 मिलियन से थोड़ी बढ़कर 1.651 मिलियन हो गई। इसलिए पूर्णांकित दर का अपरिवर्तित रहना यह नहीं बताता कि लोगों की वास्तविक संख्या भी समान थी।
यह अक्टूबर में प्रकाशित सितंबर का आंकड़ा है, अक्टूबर की बेरोज़गारी का परिणाम नहीं। इसमें श्रम बल सर्वेक्षण के तहत बेरोज़गार माने गए लोगों को गिना गया है। अकेले इस दर से यह तय नहीं होता कि नियोक्ताओं ने भर्ती बढ़ाई, रिक्त पद घटाए या उन्हें कर्मचारी ढूंढना आसान हुआ।
नवीनतम प्रकाशन क्या बताता है
रोसस्टैट के आधिकारिक मासिक रिपोर्ट पृष्ठ पर जनवरी से सितंबर 2026 की रिपोर्ट की प्रकाशन तिथि 28 अक्टूबर दी गई है। इस प्रकाशन पर इंटरफैक्स की खबर में जुलाई की बेरोज़गारी दर 2.3 प्रतिशत और अगस्त तथा सितंबर की दर 2.2 प्रतिशत बताई गई। सितंबर का आंकड़ा सितंबर 2025 की 2.2 प्रतिशत दर के भी बराबर था।
PRIME की 28 अक्टूबर की खबर के अनुसार, रोसस्टैट का सितंबर का आंकड़ा मौसमी समायोजन के बिना है और 15 वर्ष तथा उससे अधिक आयु के लोगों को शामिल करता है। खबर में श्रम बल 76.7 मिलियन बताया गया। ये शर्तें महत्वपूर्ण हैं: राष्ट्रीय मासिक दर को मौसमी रूप से समायोजित भर्ती सूचक या पूरी आबादी की दर नहीं माना जा सकता।
बेरोज़गारों की संख्या में 2,000 की वृद्धि श्रम बल के आकार के मुकाबले छोटी है, लेकिन उद्धृत खबरों से इसका सांख्यिकीय महत्व स्थापित नहीं होता। इसे रुझान का मोड़ कहने के लिए पूर्णांकित मासिक अनुमानों की एक तुलना से अधिक प्रमाण चाहिए।
संशोधनों पर तुलना से क्या पता चलता है
इंटरफैक्स की 30 सितंबर की खबर में अगस्त की बेरोज़गारी दर 2.2 प्रतिशत और बेरोज़गारों की संख्या 1.649 मिलियन थी। 28 अक्टूबर की खबर में अगस्त की वही दर रखी गई और सितंबर की 1.651 मिलियन संख्या को 2,000 अधिक बताया गया। दोनों खबरों में प्रकाशित अगस्त के मान समान हैं।
इस तुलना में अगस्त के इन आंकड़ों का कोई संशोधन नहीं मिलता। यह कहना कि रोसस्टैट ने किसी भी पुराने आंकड़े को नहीं बदला, इससे कहीं व्यापक दावा होगा। यह हर महीने या सर्वेक्षण की मूल तालिकाओं की संपूर्ण जांच नहीं है। उपलब्ध खबरों में संशोधनों का व्यापक विवरण नहीं दिया गया है।
किसी सांख्यिकीय श्रृंखला को अद्यतन करते समय यह अंतर उपयोगी है। वर्तमान महीने के मान में बदलाव और पिछले महीने के मान का संशोधन अलग घटनाएं हैं। तुलना में संदर्भ अवधि और प्रकाशन तिथि बनाए रखनी चाहिए, न कि आंकड़ों के अलग संस्करणों को बिना बताए जोड़ देना चाहिए।
किसे बेरोज़गार गिना जाता है
PRIME ने रोसस्टैट द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के मानदंड बताए हैं: व्यक्ति के पास काम न हो, वह काम खोज रहा हो और काम शुरू करने के लिए उपलब्ध हो। दर का हर श्रम बल है, जिसमें रोजगार प्राप्त और बेरोज़गार लोग आते हैं, न कि सभी निवासी। हमारी श्रम बाजार की व्याख्या इस व्यापक ढांचे को समझाती है।
सितंबर की उसी खबर में महीने के अंत में पंजीकृत बेरोज़गारों की संख्या लगभग 0.3 मिलियन बताई गई, जिसका आधार रोसस्टैट द्वारा इस्तेमाल किए गए रोस्त्रुद के प्रशासनिक आंकड़े हैं। यह सर्वेक्षण वाली बेरोज़गारी से अलग माप है। रोजगार कार्यालय में पंजीकरण और परिवार सर्वेक्षण में वर्गीकरण, न तो समान आबादी को मापते हैं और न ही एक ही संग्रह प्रक्रिया अपनाते हैं।
आंकड़े की व्याख्या में यह समझना जरूरी है कि श्रम बल से बाहर के लोग स्वतः बेरोज़गारों के अंश में नहीं जुड़ते। मुख्य दर काम के घंटे, नौकरी की सुरक्षा या व्यक्ति की योग्यता और काम के मेल को भी नहीं मापती। इन प्रश्नों के लिए अलग प्रमाण चाहिए। बेरोज़गार न गिने गए प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित और पर्याप्त रोजगार वाला मानकर इनके उत्तर नहीं मिल सकते।
श्रमिकों की कमी का संदर्भ दूसरे प्रमाणों से आता है
बैंक ऑफ रूस ने 23 अक्टूबर के नीतिगत वक्तव्य में आकलन किया कि श्रम बाजार का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। उसके अनुसार, कारोबारी सर्वेक्षणों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुधर रही है, हालांकि उद्योगों के बीच अंतर है और बेरोज़गारी ऐतिहासिक न्यूनतम स्तरों के करीब है। यह अलग प्रमाणों पर आधारित आधिकारिक आकलन है, केवल सितंबर की बेरोज़गारी दर से निकला निष्कर्ष नहीं।
कम बेरोज़गारी दर और नियोक्ताओं द्वारा भर्ती की कठिनाइयां घटने की सूचना में जरूरी नहीं कि विरोधाभास हो। पहली दर श्रम बल में बेरोज़गार वर्गीकृत लोगों का हिस्सा बताती है; दूसरी कंपनियों के कर्मचारी जुटाने के अनुभव से संबंधित है। दोनों एक-दूसरे का स्थान नहीं ले सकतीं, और राष्ट्रीय औसत हर कारखाने, सेवा व्यवसाय या क्षेत्र की स्थिति नहीं बताता।
अगली रिपोर्ट में क्या देखना चाहिए
Russia Economy के विश्लेषण के अनुसार सितंबर के परिणाम से सीमित निष्कर्ष निकलता है: मापी गई बेरोज़गारी कम रही और पूर्णांकित दर अगस्त के समान थी। इससे श्रम की मांग में तेजी स्थापित नहीं होती, कर्मचारियों की कमी समाप्त होने का प्रमाण नहीं मिलता और भर्ती की स्थितियों में किसी बदलाव का कारण भी नहीं पता चलता।
अधिक पूर्ण आकलन के लिए आने वाले बेरोज़गारी आंकड़ों की तुलना श्रम बल भागीदारी, रोजगार, रिक्त पदों, काम के घंटों और नियोक्ता सर्वेक्षणों से समान अवधियों और परिभाषाओं के आधार पर करनी होगी। आर्थिक संकेतक उपकरण व्यापक अर्थव्यवस्था पर नजर रखने की शुरुआत देता है। श्रम बाजार का व्यापक निष्कर्ष निकालने से पहले हर नई रिपोर्ट को उसके अवलोकन महीने, मौसमी समायोजन और संशोधन की जानकारी के साथ पढ़ना चाहिए।


